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कोबरा ने डसा तो क्या हुआ, उसे ही डिब्बे में बंद कर पहुंच गया डॉक्टर के पास, ग्वालियर के सपेरे ने हद कर दी

ग्वालियर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मऊ गांव के एक सपेरे को जहरीले कोबरा ने डस लिया, लेकिन उसने जरा भी घबराहट नहीं दिखाई। इसके उलट उसने उस खतरनाक सांप को डिब्बे में बंद किया और सीधे इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया।

ग्वालियर: बरसात के सीजन में अक्सर जहरीले जीवों के बाहर निकलने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर से जो मामला आया है उसने सबको अचंभित कर दिया है। एक तरफ जहां मामूली सांप के नाम से भी लोगों की हवा टाइट हो जाती है, वहीं एक सपेरे ने मौत को सामने देखकर भी जो हिम्मत दिखाई वह वाकई अविश्वसनीय है। उसने न सिर्फ अपनी जान बचाई बल्कि जिस कोबरा ने उसे डसा था, उसे ही डिब्बे में कैद कर अस्पताल की चौखट पर जा पहुंचा।

मऊ गांव में क्या हुआ था पूरा वाकया?

यह पूरी घटना ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले मऊ गांव की है। मिली जानकारी के अनुसार, सितावलीपुर इलाके में अचानक एक खतरनाक कोबरा सांप निकल आया था, जिससे वहां के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत स्थानीय सपेरे को बुलाया गया। वह सपेरा बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचा और उसने सांप को पकड़ने का अभियान शुरू किया।

पकड़ने के दौरान हाथ में काटा

सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की प्रक्रिया के दौरान अचानक उस जहरीले कोबरा ने सपेरे के हाथ पर जोर से डस लिया। आमतौर पर ऐसा होते ही लोग घबरा जाते हैं और कई बार डर के मारे ही उनकी हालत खराब हो जाती है। लेकिन इस सपेरे ने अपने अनुभव और गजब के हौसले का परिचय दिया। उसने अपनी जान जोखिम में डालकर भी उस कोबरा को काबू किया और एक प्लास्टिक के डिब्बे में सुरक्षित बंद कर लिया।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

जिंदा कोबरा को हाथ में डिब्बे में लेकर जब वह सपेरा ग्वालियर के प्रसिद्ध जया आरोग्य चिकित्सालय (JAH) पहुंचा, तो वहां नजारा देखने लायक था। अस्पताल के गेट पर और अंदर मौजूद मरीज तथा तीमारदार सपेरे के हाथ में डिब्बे के अंदर फन फैलाए बैठे कोबरा को देखकर सहम गए। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया।

डॉक्टर्स ने शुरू किया इलाज

डॉक्टरों ने तुरंत स्थिति को संभाला और घायल सपेरे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया। पूछताछ के दौरान सपेरे ने बताया कि उसने सांप के डसने के बाद खुद ही अपने स्तर पर काटे गए स्थान पर चीरा लगाकर जहर बाहर निकालने का प्रयास किया था।

बरसात के दिनों में बिलों में पानी भरने से सांप बाहर निकलते हैं।
सांप के डसने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर तुरंत अस्पताल जाएं।
मरीज को घबराने न दें और उसे शांत रखने की कोशिश करें।
पीड़ित को तुरंत एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाना जीवन बचाता है।

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