प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में वृद्धि और लगातार बारिश के कारण संगम क्षेत्र जलमग्न हो गया है. निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ से आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर में बढ़ोतरी और लगातार बारिश से पूरा संगम क्षेत्र जलमग्न हो गया है. संगम की सड़कों पर सामान्य दिनों में गाड़ियां चलती थीं, आज वहां नाव चल रही हैं. लोग सड़कों पर ही स्नान कर रहे हैं और पानी लेटे हनुमान मंदिर की बाउंड्री तक पहुंच चुका है. पंडित और तीर्थ पुरोहित अपना सामान सुरक्षित निकालकर ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं.
साथ ही रेल पटरियों और यार्ड में पानी भरने के कारण पूर्वोत्तर रेलवे के रामबाग स्टेशन से चलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से झूंसी स्टेशन पर ट्रांसफर कर दिया गया है.
अभी दोनों नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं, लेकिन जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्या और बढ़ सकती है. बाढ़ के पानी से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
रामबाग स्टेशन पर भरा पानी
इसी तरह भारी बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. उत्तर पूर्व रेलवे के रामबाग स्टेशन पर ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण वहां से शुरू और समाप्त होने वाली ट्रेनें अस्थायी रूप से झूंसी स्टेशन से संचालित की जा रही हैं.
उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश से प्रयागराज शहर बाढ़ की चपेट में है. रामबाग स्टेशन निचले इलाके में स्थित है, जहां यार्ड में पानी जमा हो गया है. पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वह वापस भर रहा है. उन्होंने कहा कि रामबाग से सामान्य रूप से चलने वाली चार यात्री ट्रेनें फिलहाल झूंसी से संचालित की जा रही हैं.
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन, नैनी और प्रयागराज छिवकी स्टेशनों पर जलभराव की कोई रिपोर्ट नहीं है और ट्रेनें निर्धारित समय पर चल रही हैं.
हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
शहर के कई निचले इलाके भारी बारिश के चलते जलमग्न बने हुए हैं. जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें जल निकासी अभियान में जुटी हुई हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी प्रयागराज में जलभराव का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगाई है.अदालत ने अधिकारियों को शहर में उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

