प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत मध्य प्रदेश के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया है। इन स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति की झलक दिखेगी।
पीएम मोदी ने एमपी को दी सौगात
भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के 75 स्टेशनों के साथ मध्य प्रदेश के 13 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। केंद्र सरकार की ‘ अमृत भारत स्टेशन योजना ‘ के तहत इन पुराने स्टेशनों का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक रेल यात्रा के अनुकूल बनाना है, साथ ही वहां की स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी संजोकर रखना है। जिन स्टेशनों को नया रूप मिला है, उनमें विदिशा, सांची, अशोकनगर, शिवपुरी, ब्यौहारी, भिंड, हरपालपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, जुन्नारदेव, बालाघाट, छिंदवाड़ा और नैनपुर शामिल हैं।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं और हाईटेक सुरक्षा
दशकों से यात्रियों की सेवा कर रहे इन स्टेशनों को अब एक भव्य और नया मेकओवर मिला है। स्टेशनों के मुख्य द्वारों को आकर्षक बनाया गया है, प्रतीक्षालयों का दायरा बढ़ाया गया है और साफ-सुथरे टॉयलेट्स तैयार किए गए हैं। यात्रियों की सहूलियत के लिए पीने के पानी की व्यवस्था सुधारी गई है और ट्रेनों की रियल-टाइम जानकारी के लिए एलईडी डिस्प्ले वाले डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाए गए हैं। सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे और कम बिजली खपत वाली एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं।
री-डेवलपमेंट की मुख्य विशेषताएं
मध्य प्रदेश के 13 प्रमुख स्टेशनों का जीर्णोद्धार।
बड़े वेटिंग हॉल, डिजिटल एलईडी डिस्प्ले, रिफर्बिश्ड रेस्ट रूम।
चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी और एनर्जी-एफिशिएंट लाइटिंग।
बुंदेलखंड, महाकौशल, विंध्य और मध्य भारत के स्टेशनों को बड़ा फायदा।
यात्रियों के लिए होगी आसानी
मध्य प्रदेश के इन चुनिंदा स्टेशनों जैसे सांची और विदिशा में पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। वहीं छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे आदिवासी बहुल और खनिज समृद्ध क्षेत्रों के स्टेशनों के अपग्रेड होने से स्थानीय यात्रियों को टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में अब काफी आसानी होगी।

