एमपी के राजगढ़ जिले में आठ शिक्षक फर्जी दस्तावेजों के जरिए 19 साल से शिक्षक की नौकरी कर रहे थे। शिक्षा विभाग ने इन्हें बर्खास्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सात शिक्षकों को गिरफ्तार किया है।
हाइलाइट्स
राजगढ़ में फर्जी शिक्षकों पर बड़ा एक्शन
आठ फर्जी डिग्री वाले शिक्षकों को किया गया बर्खास्त
सात शिक्षकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
एक फर्जी शिक्षक की है तलाश, 19 साल से कर रहे थे नौकरी
पुलिस के शिकंजे में सातों आरोपी
राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में दूसरे की मार्कशीट पर अपना नाम लिखकर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले आठ शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया। साथ ही ब्यावरा सिटी थाने में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। इसके बाद सात शिक्षकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
एक दिन की रिमांड पर गिरफ्तार शिक्षक
सभी गिरफ्तार सात शिक्षकों को राजगढ़ पुलिस ने एक दिन की रिमांड पर ली है। इस दौरान इनसे इनकी डिग्री के बारे में पूछताछ की जाएगी। थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि फर्जी डीएड की मार्कशीट लगाकर नौकरी पाई गई थी। जिसके बाद शासन स्तर पर गठित की गई जांच टीम के द्वारा की जांच की गई, जिसमें कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी मैसूर से हुई।
इन शिक्षकों पर दर्ज हुई है FIR
थाना प्रभारी ने बताया कि पवन शर्मा, सुनील प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी, भारत सिंह यादव, हरिप्रसाद लववंशी हिम्मत सिंह मीणा पर कूट रचित दस्तावेज तैयार करने पर धारा 318(4) जालसाजी धोखा देना, धारा 336(3) कूट रचित दस्तावेज तैयार करना , धारा 338, मूल्यवान प्रतिभूति बिल इत्यादि की कूट रचना, धारा 340(2) कूट रचित दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग लाना के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही एक अन्य शिक्षक रमेश चंद्र मामले में फरार चल रहा है, जिसकी भी पुलिस तलाश कर रही है।
19 साल तक करते रहे नौकरी
फर्जी मार्कशीट मामले की पुष्टि होने के बाद सामने आया कि सभी शिक्षक फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में करीब 19 साल से सरकारी नौकरी कर रहे थे। लेकिन जब मामला उजागर हुआ तो सभी शिक्षकों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। इनसे और भी खुलासे की उम्मीद है।
फर्जी डिग्रियां और अंक सूची तैयार करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
ब्यावरा सिटी थाना पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी जिला शिक्षा अधिकारी सावन पाटीदार के प्रतिवेदन पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पीआर लेने के बाद पूछताछ की जा रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

