टेक्नोलॉजी की दुनिया और धार्मिक आस्था के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसकी गूंज अब सोशल मीडिया से लेकर देश के कोने-कोने तक सुनाई दे रही है। यह विवाद धार्मिक नगरी उज्जैन से शुरू हुआ है, जहां एक जाने-माने ज्योतिषी ने iPhone के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम सिरी (SiRi) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ज्योतिषी के एक दावे ने सोशल मीडिया पर इतनी आग लगा दी है कि अब देश में iPhone बैन करने की मांग उठ रही है।
घटना की डिटेल्स यह हैं कि उज्जैन के ज्योतिषी ने सबके सामने दावा किया है कि Apple के iPhone में वॉइस असिस्टेंट सिरी (SiRi) कुछ धार्मिक और सेंसिटिव शब्दों पर जवाब नहीं देता या जानबूझकर उन्हें इग्नोर करता है। ज्योतिषी के मुताबिक, यह सिर्फ एक टेक्निकल गड़बड़ी नहीं है बल्कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म की भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रति बेपरवाही को दिखाता है। जैसे ही यह दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों की भावनाएं आहत हुईं और कुछ ही समय में यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।
यह विवाद इतना बढ़ गया है कि इंटरनेट पर iPhone बॉयकॉट ट्रेंड करने लगा है। इस मुद्दे पर राष्ट्रवादी संगठन और टेक यूज़र्स भी दो ग्रुप में बंट गए हैं। एक पार्टी इसे देश की आस्था का उल्लंघन बताते हुए भारत में iPhone और Apple प्रोडक्ट्स पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग कर रही है। दूसरी ओर, टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ़ Siri के लैंग्वेज मॉडल और AI डेटाबेस अपडेट में कोई गड़बड़ी हो सकती है, जिसे बैन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
हालांकि, चूंकि Apple जैसी ग्लोबल टेक जायंट के लिए भारत एक बहुत बड़ा मार्केट है, इसलिए इस तरह का विवाद कंपनी की मुश्किलें बढ़ा सकता है। अभी तक इस मामले पर Apple India की तरफ से कोई ऑफिशियल सफाई या बयान नहीं दिया गया है।
महानगर मेट्रो न्यूज़ अपने रीडर्स से पूछता है, क्या टेक्नोलॉजी कंपनियां सच में भारतीय शब्दों और कल्चर के साथ भेदभाव करती हैं? क्या आपके iPhone पर Siri भी धार्मिक शब्दों पर रिस्पॉन्ड करना बंद कर देता है?

