जहां पूरे गुजरात में बारिश हो रही है, वहीं शक्तिपीठ अंबाजी में सालों से यह परंपरा रही है कि अच्छी बारिश तभी होती है जब उजानी होती है, जिसके चलते अंबाजी पंथक में बारिश न होने पर व्यापारियों ने वरुणदेव को खुश करने के लिए शुक्रवार को अपने काम-धंधे बंद रखे। पूरे अंबाजी के बाजार सुनसान दिखे, जहां हर व्यापारी ने अपनी मर्ज़ी से अपनी दुकानें बंद रखीं। अंबाजी मंदिर में अंबिकेश्वर महादेव को भी पानी में डुबोया गया और बारिश के लिए प्रार्थना की गई। अंबाजी मंदिर का रेस्टोरेंट खुला रहा ताकि श्रद्धालुओं को खाने की कोई दिक्कत न हो। वरुणदेव को खुश करने के लिए व्यापारियों ने घर से खाना लाकर जंगल में ‘वन भोजन’ का आयोजन किया था। इसके अलावा, महिलाओं ने भी वरुणदेव को खुश करने के लिए अंबाजी मंदिर में भजन-कीर्तन किए। कई जगहों पर होम-हवन का आयोजन किया गया। अंबाजी मंदिर में अंबिकेश्वर महादेव मंदिर के शिवलिंग से लेकर नंदी की मूर्ति तक पानी भर दिया गया। शास्त्रों में कहा गया है कि अगर बारिश न हो रही हो, तो महादेव को पानी में डुबो दिया जाए तो बारिश ज़रूर होगी। महादेव से अच्छी बारिश की प्रार्थना करके आरती की गई।

