राजौरी गार्डन की एक महिला की फोटो का इस्तेमाल कर री-यूनियन पार्टी के बाद अश्लील मॉर्फ्ड वीडियो बनाया गया और व्हाट्सऐप पर वायरल किया गया। वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है।
नई दिल्ली: दिल्ली में एक महिला के लिए वर्षों बाद स्कूल के दोस्तों के साथ री-यूनियन पार्टी करना किसी सजा से कम साबित नहीं हुआ। दरअसल पार्टी के बाद एक वॉट्सऐप ग्रुप में सभी ने अपने फोटो शेयर किए, मगर किसी ने महिला के फोटो का इस्तेमाल कर उससे अश्लील विडियो बना दिया। यही नहीं इसके बाद उसे वॉट्सऐप पर वायरल भी कर दिया। फिलहाल महिला के आरोपों पर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्र ने बताया, 39 वर्षीय पीड़ित महिला राजौरी गार्डन इलाके में रहती हैं।
अपनी शिकायत में उन्होंने खुलासा किया कि कुछ महीने पहले उनके पुराने स्कूली दोस्तों का वॉट्सऐप पर एक री-यूनियन ग्रुप बना था।
बीती 1 मार्च को सभी दोस्त एक री-यूनियन पार्टी में मिले, जिसके बाद ग्रुप में कई तस्वीरें साझा की गईं।
आरोप है कि इन्हीं तस्वीरों में से महिला की फोटो निकालकर एक अज्ञात नंबर से 7 सेकंड का बेहद आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड (फर्जी) विडियो क्लिप तैयार किया गया ।
पहचान छिपाने के लिए अज्ञात नंबर का इस्तेमाल
पीड़िता के मुताबिक, 18 मार्च को उनके एक पुराने स्कूल मित्र ने इस अश्लील विडियो के वॉट्सऐप पर वायरल होने की जानकारी दी। जांच करने पर पता चला कि आरोपियों ने बाकायदा 7-8 लोगों का एक अलग वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था, जहां इस फर्जी विडियो को जानबूझकर शेयर कर महिला को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बदनामी के डर से पीड़िता और उनके परिवार को भारी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा।
दो आरोपियों के नाम का खुलासा
साइबर पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि जिस अज्ञात नंबर से यह विडियो फैलाया जा रहा था, वह सचिन तंवर के नाम पर है।
उसने अपनी पहचान छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अज्ञात नंबर का सहारा लिया था।
इसके अलावा, इस पूरी साजिश और विडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने में साहिल कपूर की भी भूमिका सामने आई है, जिसके चलते मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब वॉट्सऐप और संबंधित सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स से डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है।
जिससे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके और इंटरनेट से इस आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जा सके।

