अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद पर शिवसेना यूबीटी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इसे राम मंदिर की लूट बताते हुए सोमनाथ मंदिर के साथ इसे जोड़ा है।
मुंबई: अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीति गर्मा हुई है। अब इस मुद्दे की आग महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। इस मामले पर शिवसेना यूबीटी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में हेराफेरी हुई हैं। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय के जरिए बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए इसे ‘राम मंदिर की लूट’ करार दिया। संपादकीय में कहा गया कि अयोध्या में राम मंदिर के दान-पात्रों से नकदी, सोना, चांदी और आभूषणों की कथित चोरी यह दिखाती है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। शिवसेना यूबीटी ने दावा किया कि जिन कार सेवकों ने मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया, उसी मंदिर को अब सत्ता में बैठी बीजेपी ने ‘लूट’ लिया है।
महमूद गजनवी से की बीजेपी की तुलना
संपादकीय में लिखा गया है कि देश ने अब देख लिया है कि मंदिर विकास का असली मतलब क्या है। राम मंदिर में भगवान के दान-पात्रों को लूटा गया। कार सेवकों ने इसके लिए अपना खून बहाया, लेकिन आखिर में मंदिर की संपत्ति पर ही डाका डाल दिया गया। जिस तरह महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को लूटा था, उसी तरह बीजेपी ने राम मंदिर को लूटा है। कम से कम अंबाबाई मंदिर में ऐसी चोरी और डकैती तो नहीं हुई। राम मंदिर में दान-पात्र की लूट कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से फेल होने को दिखाती है। वे राम मंदिर की सुरक्षा भी नहीं कर सकते। फिर भी वो हमारे अंबाबाई मंदिर के विकास की बात करने की हिम्मत करते है।
अमित शाह पर भी बोला हमला
वहीं संपादकीय इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला है। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि पिछले एक दशक में देशभर के कई प्रमुख मंदिरों में चोरी और लूट की घटनाएं हुईं, लेकिन इन मामलों में कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। शिवसेना यूबीटी ने यह भी दावा किया कि इन कथित मामलों में शामिल लोग बीजेपी से जुड़े हुए हैं। संपादकीय में कहा गया कि अमित शाह उद्धव ठाकरे पर कांग्रेस के साथ होने का आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद राम मंदिर के लुटेरों के संरक्षक बने हुए हैं। यह लोकतंत्र और आस्था दोनों के खिलाफ है।
बीजेपी पर उठाए सवाल
संपादकीय में दावा किया गया कि पिछले दस वर्षों में देश के कई बड़े मंदिरों में चोरी और लूट की घटनाएं सामने आईं हैं। इन मामलों को लेकर बीजेपी पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। इसमें कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित लगातार उद्धव ठाकरे पर कांग्रेस के साथ होने का आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे आरोपों पर चुप्पी साधे हुए हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने इसे महाराष्ट्र विरोधी बयानबाजी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और धार्मिक आस्था दोनों पर हमला हो रहा है। अमित शाह पर यह हमला उनकी कोल्हापुर रैली के कुछ दिन बाद हुआ, जहां उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना बताया था। साथ ही उन्होंने अंबाबाई मंदिर के विकास कार्यों का जिक्र किया था।

