जामनगर। जामनगर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश उस समय खुलकर सामने आया जब 112 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लंबे समय से मानदेय भुगतान में देरी हो रही है, वहीं बच्चों के नाश्ते और पोषण से जुड़े खर्चों का भुगतान भी समय पर नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्चों को पोषण और नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए कई बार उन्हें अपनी जेब से राशि खर्च करनी पड़ी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी संबंधित भुगतान नहीं मिला। इसके अलावा मानदेय में लगातार हो रही देरी से भी कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई।
एक साथ 112 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे से जिले की आंगनवाड़ी व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे किसी प्रकार की अतिरिक्त मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने बकाया भुगतान और अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। वहीं सामूहिक इस्तीफों के कारण बच्चों के पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है। अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

