पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के MP यूसुफ पठान को गुजरात हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। यूसुफ पठान ने वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) की तरफ़ से ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए जारी नोटिस के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। हालाँकि, हाई कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी खारिज़ कर दी और विवादित ज़मीन वडोदरा कॉर्पोरेशन को सौंपने के लिए 4 हफ़्ते का समय दिया।
यह विवाद वडोदरा के तंदलजा इलाके में मौजूद करोड़ों रुपये की TP स्कीम की ज़मीन से जुड़ा है। वडोदरा कॉर्पोरेशन ने यूसुफ पठान पर इस सरकारी ज़मीन पर कथित तौर पर गैर-कानूनी कब्ज़ा करने और वहाँ दीवार बनाने का आरोप लगाया था। वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इस बारे में यूसुफ पठान को नोटिस जारी कर ज़मीन खाली करने का आदेश दिया था, जिसके ख़िलाफ़ पूर्व क्रिकेटर ने स्टे पाने के लिए हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई शुरू की थी। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कॉर्पोरेशन की तरफ से कहा गया कि यह ज़मीन सरकारी है और कोई भी प्राइवेट व्यक्ति इस पर कब्ज़ा नहीं कर सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने साफ़ कहा है कि पूर्व क्रिकेटर को अगले 4 हफ़्तों के अंदर इस ज़मीन का कब्ज़ा अधिकारियों को सौंपना होगा। इस फ़ैसले के बाद वडोदरा की राजनीति और खेल जगत में काफ़ी चर्चा हो रही है। लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से MP बने यूसुफ पठान के लिए यह कानूनी झटका उनके होम टाउन वडोदरा में बड़ा माना जा रहा है। अब देखना यह है कि यूसुफ पठान इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हैं या तय समय सीमा के अंदर कॉर्पोरेशन को ज़मीन का कब्ज़ा सौंपते हैं।

