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आग लगी नहीं थी, लगाई गई थी… दिल्ली के तुगलकाबाद अग्निकांड में बड़ा खुलासा, जिंदा जल गए थे 3 लोग

12 जून की रात. घड़ी में करीब 2 बजकर 24 मिनट हो रहे थे. दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे. तभी अचानक एक इमारत से धुआं उठना शुरू हुआ. कुछ ही मिनटों में धुआं आग की लपटों में बदल गया. लोग चीखते हुए घरों से बाहर भागने लगे. लेकिन उस रात हर कोई नहीं बच पाया. अब इस कहानी में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस का कहना है कि ये साजिश थी.

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 12 जून की रात लगी भीषण आग को शुरुआत में एक हादसा माना गया था. आधी रात के बाद अचानक आग भड़की, कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत आग की लपटों में घिर गई, लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों की तरफ भागे, कई लोग झुलस गए और तीन लोगों की मौत हो गई. लेकिन अब पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, उसने इस पूरे मामले को हादसे से सीधे आपराधिक साजिश में बदल दिया है.

दक्षिण दिल्ली पुलिस का दावा है कि यह आग किसी शॉर्ट सर्किट या दुर्घटना की वजह से नहीं लगी थी. इसे जानबूझकर लगाया गया था. एक पुरानी रंजिश, पैसों का विवाद और बदला लेने की भावना ने तीन लोगों की जान ले ली. घटना 12 जून की रात करीब 2 बजकर 24 मिनट की है. दक्षिण दिल्ली के गोविंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित टीकेडी एक्सटेंशन की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक पूरा भवन उसकी चपेट में आ गया.

स्थानीय लोगों ने जब धुआं और आग की लपटें देखीं तो पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी. मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई लोग झुलस चुके थे. हादसे में आठ लोग घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान पंकज पांडे, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.

पहले हादसा समझा गया, फिर CCTV ने बदल दी कहानी

शुरुआत में पुलिस ने इसे आग लगने की सामान्य घटना मानते हुए लापरवाही से मौत और आगजनी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था. लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे CCTV फुटेज मिले, जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी.

फुटेज में एक महिला आग लगने से ठीक पहले बिल्डिंग की ओर जाती दिखाई दी. यह फुटेज पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग साबित हुआ. इसके बाद जांच टीम ने फुटेज, कॉल डिटेल्स और स्थानीय पूछताछ के आधार पर मामले की तह तक पहुंचना शुरू किया. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को पता चला कि आग किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं लगी थी, बल्कि इसे साजिश के तहत अंजाम दिया गया था.

नाबालिग लड़की ने खोला राज

जांच के दौरान पुलिस एक 17 साल की लड़की तक पहुंची. पूछताछ में लड़की ने कई अहम खुलासे किए. उसने बताया कि उसे आग लगाने के लिए उकसाया गया था. पुलिस के मुताबिक, लड़की ने बताया कि सरिता नाम की महिला ने उसे पेट्रोल और माचिस दी थी. प्लानिंग थी कि पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी को आग लगाई जाए.

आरोप है कि नाबालिग लड़की ने प्लानिंग के तहत स्कूटी में आग लगा दी. लेकिन आग केवल स्कूटी तक सीमित नहीं रही. देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. इस आग ने तीन लोगों की जान ले ली और कई परिवारों की जिंदगी बदल दी.

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का केंद्र दीपक नाम का युवक था. दीपक और निरंजन के बीच पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. चौंकाने वाली बात यह है कि दीपक कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि निरंजन का चचेरा भाई है. पुलिस का कहना है कि निरंजन दीपक से बदला लेना चाहता था. इसी वजह से उसने उसकी स्कूटी को निशाना बनाने की योजना बनाई. लेकिन बदले की यह साजिश इतनी भयावह साबित हुई कि उसकी चपेट में निर्दोष लोग भी आ गए और तीन लोगों की मौत हो गई.

कौन है इस साजिश का मास्टरमाइंड?

पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का मास्टरमाइंड 33 साल का निरंजन है, जो गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप का रहने वाला है. जांच में सामने आया है कि निरंजन का आपराधिक इतिहास रहा है. वह पहले भी कई मामलों में पुलिस के रडार पर रह चुका है और हाल ही में जेल से बाहर आया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह घोषित अपराधी है. पुलिस का दावा है कि निरंजन नाबालिगों से नशे का कारोबार करवाता था. इसी गतिविधि के चलते उसे पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

जांच में यह भी सामने आया कि आग लगाने वाली नाबालिग लड़की और सरिता दोनों का संबंध निरंजन और उसके भाई राजकुमार से था. पुलिस के मुताबिक, दोनों निरंजन और राजकुमार की गर्लफ्रेंड थीं.

पुलिस जांच में 27 साल की सरिता की भूमिका भी अहम है. आरोप है कि सरिता ने नाबालिग लड़की को पेट्रोल और माचिस दी. उसने आग लगाने के लिए उसे उकसाया. वहीं राजकुमार पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि निरंजन और राजकुमार ने मिलकर इस पूरी योजना को तैयार किया था.

तीनों आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने और गंभीर अपराध में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को पकड़ लिया है. इनमें नाबालिग लड़की, सरिता, निरंजन और राजकुमार शामिल हैं.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर में कई गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं. इनमें आपराधिक साजिश, गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास, आग लगाकर नुकसान पहुंचाना और रात के समय घर में घुसकर अपराध करने जैसी धाराएं शामिल हैं.

एक स्कूटी से शुरू हुई कहानी, तीन मौतों पर खत्म हुई

पूरे मामले की सबसे दर्दनाक बात यह है कि कथित तौर पर जिस आग को केवल एक स्कूटी तक सीमित रखने की योजना बनाई गई थी, उसने देखते ही देखते पूरी इमारत को निगल लिया. एक निजी विवाद और बदले की भावना ने तीन लोगों की जान ले ली. कई परिवारों ने अपनों को खो दिया और कई लोग अब भी उस भयावह रात की यादों से उबर नहीं पाए हैं. फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साजिश में कहीं और लोग भी शामिल तो नहीं थे.

घटना को लेकर एडीसीपी ने क्या कहा?

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में आग लगने की घटना पर ADCP साउथ-ईस्ट जसबीर सिंह ने कहा कि यह आपसी रंजिश का मामला था. आरोपी सरिता ने एक नाबालिग को दीपक की स्कूटी में आग लगाने के लिए उकसाया था. आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच के दौरान हमें घटना के समय का CCTV फुटेज मिला.

हमने जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ लिया. आरोपी निरंजन का पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल होने का रिकॉर्ड रहा है. हम दूसरे आरोपियों के बैकग्राउंड की भी जांच कर रहे हैं. आरोपियों को गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन लाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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