दिल्ली की ओ-जोन (O-Zone) कॉलोनियों में तोड़फोड़ की आशंकाओं के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने उच्चस्तरीय बैठक की और साफ किया कि हाई कोर्ट के आदेशानुसार केवल नए निर्माणों पर ही कार्रवाई होगी, पुराने निर्माण पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सांसदों के साथ हुई बैठक में रेखा गुप्ता ने दिया आश्वासन, सिर्फ नए निर्माण पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली: राजधानी में ओ-जोन कॉलोनियों में तोड़फोड़ को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद भरोसा दिया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार कॉलोनियों में पुराने निर्माण पर कोई तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी। सिर्फ नए निर्माण ही टूटेंगे।
दिल्ली में कितनी हैं ओ-जोन कॉलोनियां
बैठक में DDA , MCD मुख्य सचिव के अलावा BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी और यमुनापार विकास बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली भी मौजूद रहे। बैठक में सीएम को बताया गया कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 92 कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं। इन कॉलोनियों में लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं।
सांसदों ने बैठकों में उठाया ये मुद्दा
प्रशासन द्वारा अब उन कॉलोनियों में ओ-जोन के बोर्ड ने लोगों के मन में आशंका भर दी है, जबकि जनप्रतिनिधियों ने हाई कोर्ट के आदेशों और सरकारी रिकॉर्ड में पाया है कि इन कॉलोनियों जो के पुराने निर्माण पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है। आदेश है, वह नए या चल रहे निर्माण को ध्वस्त करने को लेकर है। सांसदों ने ओ-जोन क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में शासन द्वारा लगाए गए नोटिस बोर्ड का भी मुद्दा उठाया।
सीएम गुप्ता ने DDA से मांगा स्पष्टीकरण
सीएम ने पूरे मुद्दे पर DDA से स्पष्टीकरण मांगा तो बताया गया कि हाई कोर्ट ने बन चुके निर्माण पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन माननीय कोर्ट ने चल रहे निर्माण पर सवाल खड़े किए हैं। जिस पर सीएम ने कहा कि हाईकोर्ट ने स्थिति साफ की है कि उसी का पालन होना चाहिए। सिर्फ नए निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम ने डीडीए अधिकारियों को दिए आदेश
उन्होंने DDA अधिकारियों से कहा कि वे हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार ओ-जोन क्षेत्र में लगाए गए बोर्ड की भाषा भी बदलें ताकि वहां बसी कॉलोनियों में किसी प्रकार की भ्रम ना हो। उन्होंने सांसदों को भरोसा दिया है कि वह जल्द केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से इस संबंध में मुलाकात भी करेंगी।
BJP का वादा, पुराने निर्माण को टूटने नहीं देंगे
सीएम के साथ बैठक के बाद सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा की पुरानी बसी आबादी में किसी तोड़फोड़ की इजाजत नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
केवल नए निर्माण को लेकर है। उन्होंने इन क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे तब तक कोई नया निर्माण नहीं करें, जब तक इस बारे में अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
24 मार्च 2008 में नियमीत हो गई थी कॉलोनियां
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि हमने सीएम को बताया कि इन कॉलोनियों को 24 मार्च 2008 को ही नियमित कर दिया गया था। तब ये क्षेत्र ओ के बजाए एफ जोन में आते थे। 10 अगस्त 2010 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यमुना के ओ-जोन में इसे डाल दिया।
लोगों को दिलाते हैं भरोसा
वीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि आज जिन इलाको में गलत तरीके से ओ-जोन का तमगा लगा हुआ है, उसको दूर करने के लिए हम पूरी प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। हम भरोसा दिलाना चाहते हैं कि किसी भी पुराने निर्माण को नही तोड़ा जाएगा।

