KYC, मोबाइल नंबर अपडेट और आधार लिंकिंग के लिए कस्टमर कई दिनों से परेशान हो रहे हैं; सोशल एक्टिविस्ट नीलम वसैया ने ब्रांच मैनेजर को लिखकर शिकायत की है
पंकज पंडित : झालो : बैंक ऑफ बड़ौदा की झालोद ब्रांच में पिछले कई सालों से KYC अपडेट, मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन, आधार लिंकिंग समेत ज़रूरी बैंकिंग सर्विस में हो रही देरी से अकाउंट होल्डर में काफी गुस्सा है। कई कस्टमर अपने काम के लिए बार-बार बैंक आ रहे हैं, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, कई कस्टमर पिछले चार-पांच दिनों से लगातार बैंक आ-जा रहे हैं, फिर भी उनका काम पूरा नहीं हो रहा है। बैंक की तरफ से साफ गाइडेंस या कोई तय टाइम लिमिट न दिए जाने से कस्टमर में नाराजगी का माहौल बन गया है।
खासकर जालोद तालुका के आदिवासी इलाकों के किसान, मजदूर, महिलाएं, बुजुर्ग और स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। गांवों से लोग अपनी रोज़ की मेहनत और काम छोड़कर बैंक पहुंचते हैं, लेकिन गाड़ी का किराया, समय और कमाई का नुकसान होने के बाद भी लोग काम न कर पाने की वजह से आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
चूंकि जालोद इलाका 90 परसेंट से ज़्यादा आदिवासी आबादी वाला इलाका है, इसलिए यहां के लोगों के लिए बैंकिंग सर्विस एक ज़रूरत बन गई है। हालांकि खेती, मज़दूरी और छोटे बिज़नेस से जुड़े लोगों के लिए समय पर बैंकिंग काम बहुत ज़रूरी है, लेकिन मौजूदा हालात चिंताजनक हो गए हैं।
इस पूरे मामले में एक जागरूक नागरिक और सोशल एक्टिविस्ट नीलम एम. वसैया ने बैंक ऑफ़ बड़ौदा, जालोद ब्रांच के मैनेजर को लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। इस मांग में KYC और मोबाइल नंबर अपडेट के प्रोसेस में तेज़ी लाने, एक्स्ट्रा स्टाफ़ रखने, भीड़ को कंट्रोल करने के लिए अलग काउंटर बनाने और पेंडिंग एप्लीकेंट्स का काम प्रायोरिटी पर पूरा करने की मांग की गई है।
सोशल वर्कर नीलम एम. वसैया का बयान
“जालोद जैसे आदिवासी इलाकों में लोग अपनी रोज़ की मेहनत और खेती छोड़कर बैंक आते हैं। लेकिन, उनका काम समय पर पूरा न होने की वजह से उन्हें पैसे का नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। बैंकिंग सिस्टम को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत सिस्टम में सुधार करना चाहिए ताकि आम जनता को बेवजह परेशानी न हो।”

