अयोध्या/गुजरात, अयोध्या राम मंदिर के निर्माण और उसके फंड को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में एक चौंकाने वाले और जानलेवा आरोप ने हलचल मचा दी है। राम मंदिर के एक स्टाफ मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर मीडिया से जो कथित दावा किया है, उससे पूरे देश में बहस छिड़ गई है। यह कथित खुलासा सीधे तौर पर रूलिंग पार्टी और संगठन पर हमला करता है, जिससे आने वाले दिनों में एक बड़े राजनीतिक संघर्ष की पूरी संभावना है।
‘1000 से 1200 करोड़ रुपये की चोरी’: स्टाफ का गंभीर आरोप
मंदिर के एक कथित स्टाफ मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर बहुत गुस्से में कहा है, “राम मंदिर में लगभग 1000 से 1200 करोड़ रुपये की बड़ी चोरी/गड़बड़ी हुई है। RSS और BJP की मिलीभगत या आशीर्वाद के बिना इतना बड़ा घोटाला कभी मुमकिन नहीं था।” इस गंभीर आरोप ने राम मंदिर ट्रस्ट और एडमिनिस्ट्रेशन की ट्रांसपेरेंसी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘लोगों के दान के पैसे से विपक्ष के MP खरीदे जा रहे हैं!’
आरोपों की बौछार यहीं नहीं रुकती। खुलासे में आगे कहा गया है कि, “भगवान को हमारे किसी भी दान की ज़रूरत नहीं है। लेकिन लोगों से धर्म की पूजा करवाकर BJP सिर्फ़ अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए दान इकट्ठा करती है। इसी पैसे का इस्तेमाल करके विपक्ष के MP और MLA को 40-40 या 50-50 करोड़ रुपये के बड़े ऑफ़र देकर खरीदा जाता है और डेमोक्रेसी की हत्या की जा रही है।” जनता से अपील: ‘मंदिर में हाथ जोड़ें, लेकिन दान गरीबों को दें’
इस सुलगते विवाद के बीच, सोशल मीडिया और जनता में एक नया सुर चल पड़ा है कि भगवान कभी पैसे के भूखे नहीं होते। बस मंदिर में फूल चढ़ाएं, सच्चे दिल से हाथ जोड़ें और निकल जाएं। उस दान की रकम को भ्रष्ट सिस्टम में कुर्बान करने के बजाय, अपने आस-पास रहने वाले गरीब बच्चों और लाचार बुजुर्गों के लिए खाना खरीदने में लगाएं। यही भगवान की सच्ची सेवा है और भगवान इससे सबसे ज़्यादा खुश होंगे।
पूरे देश की नज़रें इस बात पर हैं कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर ये जानलेवा आरोप अब क्या नया रूप लेंगे और सरकार इन आरोपों पर क्या सफाई देती है!

