अयोध्या/गुजरात, सदियों के लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष, अनगिनत कारसेवकों के संघर्ष और बड़े बलिदान के बाद, BJP ने आखिरकार अपना सदियों पुराना वादा पूरा किया और अयोध्या में एक शानदार राम मंदिर बनाया। यह मंदिर सिर्फ़ पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की अटूट आस्था, भक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है। लेकिन, जैसे ही इस पवित्र काम में कथित गड़बड़ियों और घटिया कारीगरी के शक सामने आए, पूरे देश के हिंदू समाज में भारी गुस्सा और गुस्सा फूट पड़ा है।
आस्था के केंद्र से खिलवाड़: हिंदू समाज के सम्मान से खिलवाड़!
सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, इस समय बस एक ही चर्चा चल रही है कि जिस राम मंदिर के लिए पीढ़ियां खपा दी गईं, उसे मुनाफाखोर या भ्रष्ट कंपनियों ने भ्रष्टाचार करके देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरे हिंदू समाज की इज्ज़त दांव पर लगा दिया है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस ऐतिहासिक मंदिर में मानसून के दौरान पानी के रिसाव और दूसरी कमियों की जो बातें सामने आ रही हैं, उनसे राम भक्तों का दिल टूट गया है। जनता का आरोप है कि ऐसी लालची और भ्रष्ट कंपनियों ने सिर्फ पैसा कमाने के लिए पूरे देश को शर्मसार किया है।
गुनहगार कितना भी ताकतवर क्यों न हो… सख्त से सख्त सज़ा ही एकमात्र रास्ता है!
इस मामले में जनता का मूड अब बेहद जानलेवा और आक्रामक हो गया है। हिंदू समाज की साफ और पक्की मांग है कि भगवान श्री राम के काम में और कारसेवकों के खून से सींची इस पवित्र धरती पर गलत कामों में शामिल किसी भी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ कानून का सख्त से सख्त हथियार इस्तेमाल किया जाए। यह आस्था का मामला है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की राजनीति या नरम रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और कथित भ्रष्टाचार करने वाले इन तत्वों के खिलाफ सरकार किस तरह की सख्त कार्रवाई करती है और हिंदू समुदाय के गुस्से को कैसे सही ठहराया जाता है!

