तस्वीरें अहमदाबाद के नारनपुरा इलाके की हैं, जहां अखबारनगर सर्कल के पास बने कैमलेनियम प्लाजा के बगल में, वंदना सोसाइटी के कॉमन प्लॉट की
दीवार के पास फुटपाथ से इस बड़ी कामयाबी को हासिल किया गया।
क्राइम ब्रांच को पुख्ता जानकारी मिली थी कि इलाके में गांजे की एक बड़ी खेप सप्लाई होने वाली है। मुखबिर की इसी सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने तड़के छापेमारी की और मौके से सतीशकुमार मनोहरलाल मेहता नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ४१ वर्षीय यह आरोपी फिलहाल अहमदाबाद के रानीप इलाके में रहता है, लेकिन मूल रूप से यह राजस्थान के भीलवाड़ा जिले का रहने वाला है।
पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध नशीला पदार्थ जब्त किया है।
एक गैल्वेनाइज्ड पाइप में भरकर रखा गया १९ किलो ८१२ ग्राम गांजा, जिसकी बाजार में कीमत ९,९०,६०० रुपये बताई जा रही है।
इसके अलावा आरोपी के पास से ५ हजार की कीमत का १ मोबाइल फोन, एक चार्जर, ५३० रुपये कैश और गांजे की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक-कंटान का थैला और बीओपीपी टेप बरामद किया गया है।
पुलिस ने कुल ९,૯૬,૧૩૦ रुपये का मुद्दामाल जब्त किया है।
पकड़ा गया आरोपी सतीशकुमार कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि एक शातिर और आदतन अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं:
साल २०१६ में अहमदाबाद के बापुनगर और मेहसाणा के विसनगर थाने में चोरी के मामले।
साल २०२० में रानीप पुलिस स्टेशन में शराबबंदी (प्रोहिबिशन एक्ट) का मामला।
इतना ही नहीं, साल २०२२ में यह राजस्थान के सिरोही पुलिस स्टेशन में भी एनडीपीएस एक्ट यानी गांजे की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।
फिलहाल अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ डीसीबी पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में राजस्थान के भीलवाड़ा का रहने वाला मुख्य सप्लायर सीताराम गुर्जर अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
अहमदाबाद से महानगर मैट्रो न्यूज़ के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।

