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किसान टेंशन ना लें, जुलाई में भारी बारिश की संभावना, महाराष्ट्र के ‘वेंगा बाबा’ पंजाबराव डख का अनुमान

महाराष्ट्र भर के कई किसान मौसम विशेषज्ञ पंजाबराव डख के अनुमानों पर भरोसा करते हैं। जून में कम बारिश के कारण किसान चिंतित थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बुवाई कब शुरू करें। हालाँकि, उनके ताजा अनुमान ने उनमें से कई लोगों को राहत दी है।

पुणे: महाराष्ट्र में किसान आमतौर पर जून में बुवाई का काम शुरू करते हैं। महाराष्ट्र में खरीफ फसल सीजन के लिए मॉनसून को बहुत अहम माना जाता है। हालांकि, इस बार जून में लगभग नहीं के बराबर बारिश हुई है। इससे किसानों में बुवाई के सही समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं मंगलवार को मॉनसून में राज्य में दस्तक दे दी है। इसके बावजूद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘अल नीनो’ (El Niño) के चलते सूखे जैसे हालात की संभावना जताई है। ऐसे में राज्य के मशहूर मौसम विशेषज्ञ पंजाबराव डख का अनुमान किसानों के लिए उम्मीद और राहत की किरण लेकर आया है।

किसानों में चिंता

हमारे सहयोगी महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते पंजाबराव ने अनुमान लगाया था कि 21 जून के बाद महाराष्ट्र में मॉनसून की रफ्तार बढ़ेगी। इस अनुमान के मुताबिक, कोंकण क्षेत्र में रुका हुआ मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा। मॉनसून अब पुणे जिले में पहुंच चुका है और IMD का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह पूरे राज्य में फैल जाएगा। फिर भी किसानों में उलझन बनी हुई है और वे पंजाबराव के ताजा अनुमान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

जून के मुकाबले जुलाई में ज्यादा बारिश

23 जून को पंजाबराव डख ने एक अपडेटेड अनुमान जारी किया। उनका अनुमान है कि 23 जून से 30 जून के बीच महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में मॉनसून के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद भी जताई कि राज्य भर के किसान बुवाई का काम शुरू कर पाएंगे। हालांकि जून में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि जुलाई में बारिश जून के मुकाबले ज्यादा होगी।

महाराष्ट्र में कहां-कहां बारिश होगी?

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अनुमान किसानों के लिए बहुत अहम है। आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी विदर्भ, दक्षिणी महाराष्ट्र, कोंकण तट, पश्चिमी महाराष्ट्र, खानदेश, मराठवाड़ा के साथ-साथ मुंबई, पुणे और नासिक जैसे इलाकों में बारिश तेज होगी। साथ ही उन्होंने अनुमान लगाया कि सभी किसान 5 जुलाई तक अपनी बुवाई का काम पूरा कर लेंगे। जुलाई में भारी बारिश का अनुमान

2 से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश की उम्मीद

अल नीनो के कारण राज्य में सूखे जैसे हालात बनने के डर के बावजूद उन्होंने अनुमान लगाया है कि ऐसा कोई सूखा नहीं पड़ेगा। उन्होंने किसानों के लिए एक अच्छी खबर भी साझा की। महाराष्ट्र में 2 जुलाई से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की उम्मीद है। जिन इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, उनमें पुणे जिला, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, कोंकण तट और उत्तरी महाराष्ट्र शामिल हैं। किसानों को ध्यान देना चाहिए कि इस दौरान जायकवाड़ी और कोयना बांधों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है।

विदर्भ में मौसम कैसा रहेगा?

24 जून को विदर्भ के वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, वाशिम, अमरावती, चंद्रपुर, अकोला, बुलढाणा और यवतमाल जिलों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पूर्वानुमान इन 11 जिलों के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगले दो-तीन दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने वाली है।

मराठवाड़ा, पश्चिमी महाराष्ट्र और उत्तरी महाराष्ट्र में बारिश

मराठवाड़ा में अगले 5 से 7 दिनों के भीतर परभणी, बीड, जालना, लातूर, छत्रपति संभाजीनगर और धाराशिव जिलों में मॉनसून के आने की उम्मीद है। इससे बुवाई के मौसम की शुरुआत होगी। पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश पहले ही शुरू हो चुकी है और अगले 10 दिनों में सांगली और सतारा ज़िलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, उत्तरी महाराष्ट्र के नंदुरबार, धुले, जलगांव, नासिक और अहिल्यानगर ज़िलों में 5 जुलाई तक बारिश होने की उम्मीद है।

सितंबर और अक्टूबर में भी तेज बारिश

इस बीच जून में कम बारिश के बाद जुलाई में बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है। पंजाबराव डख ने भविष्यवाणी की है कि हालांकि अगस्त में बारिश की तीव्रता कम हो जाएगी, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के दौरान इसके फिर से काफी तेज होने की संभावना है।

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