मेहमदाबाद PI राठौर और LCB की सरपरस्ती में फल-फूल रहा असामाजिक धंधा, वहिवटदार जयेश रबारी के नाम पर वसूली के गंभीर आरोप
राव का कहना है कि महमदाबाद पुलिस और LCB गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सख्त आदेशों को कूड़ेदान में फेंककर रोज़ाना लाखों रुपये का भ्रष्टाचार कर रही है
खेड़ा। गुजरात में शराबबंदी सिर्फ कागजों पर होने का एक जानलेवा मामला खेड़ा जिले के महमदाबाद तालुका से सामने आया है। महमदाबाद थाने की हद में गोदली समेत ग्रामीण इलाकों में देसी-विदेशी शराब और जुए के अड्डे बेखौफ चल रहे हैं। लोकल पुलिस से लेकर LCB तक की कथित मिलीभगत के कारण पूरे जिले में शराब की नदियां बह रही हैं, जिससे भविष्य में कोई बड़ा रैकेट बन जाए तो हैरानी की बात नहीं है।
गोदली गांव में लाला नाम के बूटलेगर का आतंक
मेहमदाबाद के गोदली गांव में लालो नाम का बूटलेगर खुलेआम शराब का काला धंधा चला रहा है। यह बूटलेगर इतना बेरहम हो गया है कि वह लोगों को सरेआम शराब पिला रहा है। इसके अलावा, अशोक, राकेश और खतरेज जैसे गांवों में अंग्रेजी शराब की बिक्री, देसी शराब की भट्टियां और जुए के अड्डे भी खूब फल-फूल रहे हैं। चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि पूरे महमदाबाद जिले में करीब 25 से 35 गैर-कानूनी अड्डे खूब फल-फूल रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि देसी शराब की भट्टियों में केमिकल वाली जहरीली शराब बनाई जा रही है, जो आम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा है।
PI राठौर और SP की निष्क्रियता पर सवाल
मेहमदाबाद पुलिस स्टेशन के PI राठौर को इस पूरे काले धंधे के बारे में बार-बार बताने के बाद भी उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोप लगे हैं कि पुलिस की दिलचस्पी सिर्फ वसूली और पैसे ऐंठने में है। मामले को और भी बदतर बनाते हुए, खेड़ा जिले के पुलिस चीफ (SP) भी इस गंभीर मामले पर चुप हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
क्या LCB वहिवटदार जयेश रबारी कोई पैरेलल पावर चला रहे हैं?
लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) के PI, जिनकी मुख्य जिम्मेदारी जिले में क्राइम पर रोक लगाना है, वे भी शराब तस्करों पर आंखें मूंदे हुए हैं। चर्चा के मुताबिक, LCB की तरफ से जयेश रबारी नाम का एक कथित एडमिनिस्ट्रेटर पूरे जिले में अवैध कारोबारियों से एडमिनिस्ट्रेशन वसूल रहा है। ये एडमिनिस्ट्रेटर और LCB PI हर दिन लाखों रुपये का करप्शन कर रहे हैं, मानो वे राज्य के होम मिनिस्टर हर्ष संघवी के जीरो टॉलरेंस के दावों को खुली चुनौती दे रहे हों।
होम मिनिस्टर के आदेशों की पूरी तरह से अनदेखी
राज्य के होम मिनिस्टर हर्ष संघवी असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन खेड़ा जिले में उनके ही अधिकारी कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अगर महमदाबाद इलाके में चल रहे इन केमिकल शराब के अड्डों को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो पिछले दिनों हुई लाठा घटना जैसी कोई बड़ी मुसीबत यहां भी आ सकती है। अब देखना यह है कि इस रिपोर्ट के बाद गांधीनगर से कोई सख्त कार्रवाई होती है या स्थानीय पुलिस की वसूली ऐसे ही जारी रहेगी।

