Homeभारतगुजरातसमझदारी का प्रदर्शन या भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा? अहमदाबाद में अवैध कंस्ट्रक्शन में...

समझदारी का प्रदर्शन या भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा? अहमदाबाद में अवैध कंस्ट्रक्शन में बिजली का खंभा भी काट दिया गया! AMC की नाक के नीचे देखिए यह अजीब खेल

अहमदाबाद : अहमदाबाद स्मार्ट सिटी में कब क्या दिखेगा, यह तो तय नहीं है, लेकिन इस बार जो सामने आया है, उसे देखकर आप चौंक जाएंगे! एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिससे साबित होता है कि शहर में अवैध कंस्ट्रक्शन करने वालों को अब कानून या सिस्टम का कोई डर नहीं है। नया कंस्ट्रक्शन करते समय बिल्डर ने सरकारी बिजली के खंभे (इलेक्ट्रिक पोल) को सड़क पर हटाने या परमिशन लेने की भी जहमत नहीं उठाई, और बिल्डिंग के स्लैब के अंदर ही पूरा बिजली का खंभा काट दिया! इस अजीब कंस्ट्रक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) की पोल खुल गई है।

इंजीनियरिंग का एक ऐतिहासिक मज़ाक: खतरे की कोई हद नहीं!

यह घटना इस बात का सबूत है कि अहमदाबाद में अवैध कंस्ट्रक्शन करने वाले कितने बेरहम हो गए हैं। इस कंस्ट्रक्शन की पहचान अभी ऑफिशियली अनाउंस नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से हाई-वोल्टेज बिजली का खंभा स्लैब के बीच से गुजर रहा है, वह कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
हैरानी: सड़क पर लगा सरकारी खंभा अब बिल्डिंग के अंदर ‘फिट’ हो गया है।

खतरा : मानसून में पूरी बिल्डिंग में करंट लगने या शॉर्ट सर्किट का बड़ा खतरा है।

एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही: कंस्ट्रक्शन पूरा हो गया, स्लैब भर दिया गया, लेकिन AMC के अधिकारी AC चैंबर से बाहर नहीं निकले!

AMC के एस्टेट डिपार्टमेंट की शरारत: या तो दिमागी दिवालियापन, या ‘बड़ा भ्रम’!

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह कंस्ट्रक्शन चल रहा था तो AMC वार्ड इंस्पेक्टर क्या सो रहे थे? या अधिकारियों की आंखों पर भी लाइट के खंभों की तरह ‘गांधी’ के पैच लगे थे?

“इसे दिमागी दिवालियापन कहें या गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन की तानाशाही? जब तक सिस्टम को यह पता नहीं चल जाता कि पूरा ढाबा इस तरह से गैर-कानूनी तरीके से सरकारी प्रॉपर्टी पर कब्जा करके भरा गया है, यह बात गले नहीं उतरती!”

‘महानगर मेट्रो ‘ के तीखे सवाल: कमिश्नर साहब, इस अजूबे पर हथौड़ा कब गिरेगा?

सवाल 1: वह बिल्डर कौन है जिसने यह कमाल की ‘इंजीनियरिंग’ की और उसके खिलाफ अभी तक कोई ज़मीन हड़पने या क्रिमिनल केस क्यों नहीं दर्ज हुआ?

सवाल 2: इस इलाके के किन अधिकारियों ने इस अतिक्रमण पर आंखें मूंद ली हैं, क्या उनकी जांच होगी?

सवाल 3: क्या इन गैर-कानूनी स्लैब को तुरंत गिरा दिया जाएगा और बिजली के खंभों को हटा दिया जाएगा, या वे किसी बड़ी मुसीबत का इंतज़ार करेंगे?

‘पक्को गुजरात’ का संकल्प:

हम स्मार्ट सिटी के नाम पर ऐसे भ्रष्टाचार और लापरवाही को सामने लाते रहेंगे। ‘पक्को गुजरात’ इस मुद्दे को तब तक नहीं छोड़ेगा जब तक इन बिजली के खंभे निगलने वाले बिल्डरों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।

क्या आपने अपने इलाके में ऐसा कोई अजीब गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन देखा है? हमें कमेंट्स में बताएं और इस रिपोर्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें!

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments