पूरे महाराष्ट्र समेत मुंबईकरों के लिए अच्छी खबर है। राज्य में बढ़ती वाहन संख्या और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खोलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-
मुंबई: राज्य में बढ़ती वाहन संख्या और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खोलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। परिवहन विभाग की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-
महाराष्ट्र में कितने आरटीओ कार्यालय?
वर्तमान में राज्य में 60 आरटीओ कार्यालय कार्यरत हैं। हालांकि, कई क्षेत्रों में लोगों को वाहन संबंधी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसे देखते हुए सरकार ने ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है, जो मौजूदा आरटीओ कार्यालय से 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित हैं।परिवहन विभाग के अधिकारी के अनुसार, नए कार्यालय खुलने से नागरिकों को वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस जांच, कर भुगतान और अन्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
नए आरटीओ के लिए तय किए गए मानदंड
विशेषज्ञ समिति ने नए आरटीओ कार्यालयों की स्थापना के लिए कुछ मानदंड तय किए हैं। प्रस्तावित कार्यालय के कार्यक्षेत्र में कम से कम चार तहसीलें होनी चाहिए। इसके अलावा उस क्षेत्र में पांच लाख से अधिक वाहन, सात लाख से अधिक आबादी और सालाना 100 करोड़ रुपये से ज्यादा राजस्व होना आवश्यक होगा। वाहन संख्या, जनसंख्या, राजस्व, भौगोलिक दूरी और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, इसलिए परिवहन विभाग की व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी हो गया है। नए आरटीओ कार्यालय शुरू होने से नागरिकों की परेशानी काफी हद तक कम होगी।

