बारिश के दौरान गिरिराजनगर, अमृतनगर और गोकुलनगर में घरों तक पहुंच जाता है पानी, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील
माणावदर | जिज्ञेश पटे : माणावदर शहर में मानसून से पहले जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। पावर हाउस से कृष्णा पार्क होटल तक के क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी का गंभीर मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है। विशेष रूप से गिरिराजनगर, अमृतनगर और गोकुलनगर के निवासियों को हर वर्ष जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मानसून के दौरान इन सोसायटियों में भारी मात्रा में पानी भर जाता है। उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी घरों में घुस जाता है, जिससे घरेलू सामान को नुकसान पहुंचता है और लोगों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।
समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सोसायटी के निवासियों ने माणावदर तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार एवं आपदा प्रबंधन शाखा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्षा जल निकासी की तत्काल और स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गई है, ताकि आने वाले मानसून में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नागरिकों की शिकायत पर माणावदर तहसीलदार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि लोगों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए वर्षा जल निकासी संबंधी आवश्यक कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाएगा, जिससे इस वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।

