तिमारपुर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिस पर खुद को प्रोफेसर और अधिकारी बताकर महिला वकील को शादी का झांसा देने, लाखों रुपये ठगने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में उसके खिलाफ कई अन्य मामलों की भी जानकारी मिली है।
तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं पीड़ित, ठगे करीब 12 लाख रुपये
नई दिल्ली: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में खुद को प्रोफेसर और CBI अधिकारी बताकर महिला वकील को शादी का झांसा देने, उससे लाखों रुपये ठगने और शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में तिमारपुर थाना पुलिस ने आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गौरी शंकर गौर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह कई युवतियों को इसी तरह अपना शिकार बना चुका है। उसके खिलाफ दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ समेत विभिन्न स्थानों पर चार से अधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। रविवार को उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि जांच में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
मैरिज साइट से हुई मुलाकात
जानकारी के मुताबिक पीड़िता पेशे से अधिवक्ता है और तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस करती है।
उनकी मुलाकात मई 2025 में एक मैरिज वेबसाइट के जरिए आरोपी से हुई थी।
आरोपी ने खुद को एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बताया और दावा किया कि उसकी पहली पत्नी की कोविड काल में मृत्यु हो चुकी है और उसकी कोई संतान नहीं है।
जून 2025 में वह पीड़िता के पैतृक घर भी गया और परिवार का विश्वास जीत लिया।
बाद में उसने ग्रेटर नोएडा स्थित अपना फ्लैट दिखाया और कई शहरों में कोचिंग संस्थान चलाने का दावा किया। 20 जुलाई 2025 को दोनों की सगाई भी हुई।
11.72 लाख की ठगी का आरोप
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसने अपनी बीमार मां, जमीन की रजिस्ट्री, कोर्ट सेटलमेंट और अन्य जरूरतों का हवाला देकर पीड़िता, उसके भाई और रिश्तेदारों से करीब 11.72 लाख रुपये हासिल कर लिए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार नई-नई शादी की तारीख देता रहा, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टाल देता था। 1 मई 2026 को पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। आरोप है कि आरोपी की पत्नी ने खुद फोन कर यह जानकारी दी और उसके अन्य महिलाओं से संबंधों के बारे में भी बताया।
आधुनिक रोड मॉडल पर जोर
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, यह समझौता रोड स्ट्रक्चर को आधुनिक, वैज्ञानिक और भविष्य की आवश्यकताओं के हिसाब से विकसित करेगा। सड़कों के लिए एक इंटीग्रेटेड अर्बन रोड डिवेलपमेंट मॉडल विकसित किया जाएगा। वहीं, मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, सरकार सड़कों के किनारे स्थानीय और पर्यावरण-अनुकूल वृक्षों, झाड़ियों तथा घास के रोपण के माध्यम से डस्ट पॉल्यूशन कम करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।

