सूरत। सूरत महानगरपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उधना जोन में कार्यरत सहायक अभियंता (वर्ग-2) जिग्नेशभाई नटवरलाल मोदी (55) को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से मनपा के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ने उधना जोन क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन बिछाने का सरकारी कार्य पूरा किया था। कार्य का बिल मंजूर करने और भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले सहायक अभियंता जिग्नेश मोदी ने ₹50,000 की रिश्वत की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम ₹45,000 तय हुई। ठेकेदार रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने जाल बिछाया और उधना साउथ जोन कार्यालय के बाहर ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को जैसे ही जिग्नेश मोदी ने शिकायतकर्ता से ₹45,000 की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी जिग्नेश मोदी वर्ष 2021 में भी रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ा जा चुका है। उस समय वह रांदेर जोन में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत था और ड्रेनेज कनेक्शन की मंजूरी के लिए ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुआ था। इसके बावजूद उस पर पहले की कार्रवाई का कोई असर दिखाई नहीं दिया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह सफल ट्रैप पीआई के.जे. धडुक और उनकी टीम द्वारा सहायक निदेशक आर.आर. चौधरी तथा प्रभारी उपनिदेशक बी.एम. पटेल के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। फिलहाल एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

