काम किए बिना ही काम पूरा होने की सहमति लेने का आरोप, सफाई व्यवस्था नहीं सुधरने पर चुनाव में नेताओं को चप्पलों की माला पहनाने की चेतावनी
अहमदाबाद। गुजरात में स्वच्छ भारत, स्वच्छ गुजरात और स्मार्ट सिटी अहमदाबाद के दावों के बीच शहर के वटवा क्षेत्र की आवास योजना में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आई है। वटवा आवास योजना के सद्भावना नगर, ब्लॉक नंबर 19 में जोगणी माताजी मंदिर के पास, टंकशाल के सामने और वटवा पुलिस चौकी के पीछे का इलाका गंदगी से घिरा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और नालियां जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई और कचरे के निस्तारण की समस्या को लेकर वटवा वार्ड कार्यालय में कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि हर बार उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होने से लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
मामले में स्थानीय लोगों ने वार्ड अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कई बार बिना काम किए ही शिकायतकर्ताओं से काम पूरा होने की सहमति के रूप में हस्ताक्षर करवा लिए जाते हैं। आरोप है कि कागजों में सफाई कार्य पूरा दिखाकर उच्च अधिकारियों के सामने काम होने का दावा किया जाता है और इसी आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का यह भी कहना है कि जब वे सफाई को लेकर कर्मचारियों से सवाल करते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि संबंधित स्थान की सफाई उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आती।
गंदगी से परेशान रहवासियों ने सवाल उठाया है कि जब क्षेत्र की बुनियादी सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं हो पा रही है तो स्मार्ट सिटी और स्वच्छ शहर के दावों का क्या मतलब है। लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या का समाधान नहीं कर सकते तो उन्हें बड़े-बड़े दावे करने के बजाय जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि गंदगी के कारण क्षेत्र में कोई गंभीर बीमारी फैलती है या जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों की होगी।
आगामी चुनाव को लेकर भी लोगों ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेताओं और पार्षदों से पहले क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का जवाब मांगा जाएगा। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो चुनाव के दौरान नेताओं का विरोध किया जाएगा और उन्हें चप्पलों की माला पहनाकर वापस भेजने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की सफाई कराने और कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

