गुजरात के वालोड स्थित दादरिया कोपर शुगर फैक्ट्री में अचानक धराशायी हुई गर्म पानी की टंकी, हजारों लीटर उबलता पानी फैलने से मची अफरा-तफरी; पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर चलाया बचाव अभियान
तापी/वालोड। गुजरात के तापी जिले में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला गंभीर हादसा सामने आया है। वालोड तालुका के पास स्थित दादरिया कोपर शुगर फैक्ट्री में गर्म पानी की विशाल टंकी अचानक तेज धमाके के साथ धराशायी हो गई। हादसे के दौरान टंकी में मौजूद हजारों लीटर उबलता पानी आसपास फैल गया और भारी लोहे तथा सीमेंट का मलबा नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर जा गिरा। इस दर्दनाक घटना में दो कर्मचारियों की मलबे में दबने से मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में रोजाना की तरह कामकाज चल रहा था। इसी दौरान उत्पादन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली गर्म पानी की विशाल कंडेन्सेट टंकी अचानक टूटकर नीचे गिर गई। टंकी के धराशायी होते ही जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही पलों में हजारों लीटर उबलता पानी फैक्ट्री परिसर में फैल गया। टंकी के साथ उसका भारी ढांचा भी टूटकर नीचे आ गिरा। लोहे और सीमेंट के बड़े-बड़े हिस्से आसपास काम कर रहे कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गए। अचानक हुए इस हादसे से कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना के दौरान दो कर्मचारी टंकी के मलबे और गर्म पानी की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य कर्मचारियों में दहशत फैल गई। परिसर में मौजूद लोग तुरंत राहत और बचाव कार्य में जुटने लगे। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों मृत कर्मचारियों के शव बाहर निकाले गए और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इस हादसे ने फैक्ट्री में कर्मचारियों की सुरक्षा और औद्योगिक नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी फैक्ट्री में गर्म पानी की विशाल टंकी का नियमित रखरखाव और सुरक्षा जांच की जा रही थी या नहीं। टंकी अचानक किस वजह से धराशायी हुई, क्या उसके ढांचे में पहले से कोई खराबी थी और क्या समय रहते उसकी जांच की गई थी, इन सभी पहलुओं की पड़ताल जरूरी है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
औद्योगिक इकाइयों में मशीनों, टंकियों और अन्य भारी उपकरणों का नियमित रखरखाव तथा सुरक्षा मानकों का पालन कर्मचारियों की जान बचाने के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में दादरिया कोपर शुगर फैक्ट्री में हुई इस घटना के बाद यह भी जांच का विषय है कि क्या संबंधित सुरक्षा नियमों और निरीक्षण प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा था। यदि रखरखाव या सुरक्षा जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करना आवश्यक होगा।
हादसे के बाद स्थानीय श्रमिकों और मृतक कर्मचारियों के परिजनों में फैक्ट्री प्रबंधन के प्रति नाराजगी बताई जा रही है। परिवारों के सामने दो कर्मचारियों को खोने का गहरा दुख है। वहीं, स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो।
अब सबकी निगाहें तापी जिला प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की जांच पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि टंकी किस कारण से गिरी, उसके रखरखाव और सुरक्षा जांच की स्थिति क्या थी तथा हादसे के समय कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम मौजूद थे। दो कर्मचारियों की मौत के बाद यह मामला केवल एक औद्योगिक दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और जिम्मेदारियों के पालन से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन गया है।

