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टंकारा के नए सजनपर में किसानों की अनूठी मिसाल, करोड़ों की जमीन दान कर 10 फीट के रास्ते को बनाया 35 फीट चौड़ा

मोरबी। गुजरात के मोरबी जिले के टंकारा तहसील स्थित नए सजनपर गांव के किसानों और ग्रामीणों ने आपसी एकता और सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है। गांव के विकास के लिए करीब 15 किसान परिवारों ने अपनी करोड़ों रुपये की कीमती जमीन स्वेच्छा से दान कर दी। ग्रामीणों ने सरकारी सहायता या अनुदान का इंतजार किए बिना स्वयं करीब 30 लाख रुपये जुटाकर गांव के 1.5 किलोमीटर लंबे रास्ते को 10 फीट से बढ़ाकर 35 फीट चौड़ा बना दिया। इतना ही नहीं, गांव के युवाओं ने भी 10 लाख रुपये का सहयोग जुटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘खोडियार पार्क’ तैयार किया है।

किसानों ने दान की करोड़ों रुपये की जमीन, बनाया चौड़ा रास्ता

जानकारी के अनुसार, नए सजनपर गांव में करीब 1.5 किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता पहले केवल 10 फीट चौड़ा था। इसकी वजह से ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए आसपास के करीब 15 किसान परिवार आगे आए। इन परिवारों ने अपनी निजी जमीन में से 10 से 15 फीट तक की जमीन गांव के विकास के लिए स्वेच्छा से दे दी।

जमीन उपलब्ध होने के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 30 लाख रुपये की राशि एकत्र की। इस रकम से रास्ते पर मेटल बिछाकर उसे 10 फीट से बढ़ाकर 35 फीट चौड़ा बनाया गया। ग्रामीणों के इस प्रयास से गांव में आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है।

युवाओं ने 10 लाख रुपये जुटाकर बनाया खोडियार पार्क

गांव के विकास में युवाओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। युवाओं ने आपसी सहयोग से करीब 10 लाख रुपये एकत्र किए और लगभग 6,500 वर्गफीट क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त खोडियार पार्क विकसित किया।

पार्क में छोटे बच्चों के लिए झूले और फिसलपट्टी लगाई गई हैं। वहीं, ग्रामीणों और बुजुर्गों के बैठने के लिए संगमरमर के आरामदायक बेंच बनाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पार्क में करीब 35 हरे-भरे पेड़ भी लगाए गए हैं।

45 वर्षों से जारी धून-कीर्तन की परंपरा ने जोड़े रखा गांव

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में इस तरह के सामूहिक विकास कार्यों के पीछे वर्षों पुरानी सामाजिक और धार्मिक एकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। गांव के अधिकांश परिवार रोजगार और आजीविका के लिए शहरों में रहने लगे हैं, लेकिन पिछले 45 वर्षों से प्रत्येक रविवार को मंदिर में नियमित रूप से धून-कीर्तन की परंपरा जारी है। इसी परंपरा ने गांव के लोगों को एक-दूसरे से जोड़े रखा है।

रास्ते और खोडियार पार्क के लोकार्पण के अवसर पर गांव में भव्य स्नेह मिलन और सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। नए सजनपर के किसानों, युवाओं और ग्रामीणों की इस पहल ने सामूहिक प्रयास से ग्रामीण विकास की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

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