अहमदाबाद। गुजरात के रियल एस्टेट क्षेत्र में करीब 120 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को कथित रूप से हड़पने और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में रश्मि बिल्डर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विवादित जमीन का मामला सुलझाने और उस पर आकर्षक रियल एस्टेट योजना विकसित करने का भरोसा देकर जमीन मालिकों और संबंधित पक्षों को विश्वास में लिया गया। इसके बाद विवाद सुलझाने और दस्तावेजी प्रक्रिया के नाम पर जमीन के स्वामित्व और अधिकारों को अपने पक्ष में कराने का कथित खेल किया गया।
विवादित जमीन को विकसित करने का दिया भरोसा
शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार, संबंधित जमीन को लेकर शुरुआत से ही कानूनी और तकनीकी विवाद चल रहे थे। इसी स्थिति का फायदा उठाकर रश्मि बिल्डर की ओर से जमीन मालिकों या संबंधित पक्षकारों से संपर्क किया गया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि जमीन विवादित जरूर है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और परियोजना विकास से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से विवाद को सुलझाकर वहां एक बड़ी रियल एस्टेट योजना विकसित की जा सकती है।
आरोप है कि विवाद सुलझाने का भरोसा देकर जमीन पर आकर्षक परियोजना तैयार करने की योजना प्रस्तुत की गई। इससे संबंधित पक्षकारों का विश्वास हासिल किया गया और इसके बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों तथा कानूनी प्रक्रियाओं के नाम पर लेन-देन शुरू हुआ।
दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर अधिकार हस्तांतरित कराने का आरोप
शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, परियोजना और योजना के नाम पर संबंधित पक्षकारों से विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के माध्यम से जमीन के स्वामित्व और कानूनी अधिकारों को अपने पक्ष में हस्तांतरित कराने की कोशिश की गई।
आरोप यह भी है कि जब जमीन से जुड़ा मूल विवाद सुलझ गया या स्थिति सामान्य हुई, तब वास्तविक अधिकार रखने वाले पक्षकारों को किनारे कर करीब 120 करोड़ रुपये मूल्य की पूरी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। जमीन मालिकों को जब कथित धोखाधड़ी और विश्वासघात का एहसास हुआ, तब यह मामला सामने आया।
पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर नजर
करीब 120 करोड़ रुपये की बाजार कीमत वाली इस जमीन को लेकर लगाए गए आरोपों ने रियल एस्टेट क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है। अब इस मामले में पुलिस और राजस्व विभाग की संभावित जांच तथा कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्राथमिकी दर्ज होने, किसी गिरफ्तारी या जांच के आधिकारिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में रश्मि बिल्डर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति सामने आना जरूरी है।

