कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने, शुद्ध खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों पर कार्रवाई की मांग की
गुजरात में त्योहारों के मौसम के बीच महंगाई को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया संयोजक और प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने और आम जनता को राहत देने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी, कालाबाजारी और मिलावट की शिकायतों के बीच लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।
दोशी के मुताबिक, दिवाली से पहले अमूल घी और मक्खन के दामों में बढ़ोतरी हुई है। एक किलो घी का डिब्बा 630 रुपये से बढ़कर 680 रुपये और 500 ग्राम घी का पैकेट 325 रुपये से बढ़कर 345 रुपये हो गया है। मक्खन के 100 ग्राम पैकेट पर तीन रुपये और 500 ग्राम पैकेट पर 15 रुपये की वृद्धि बताई गई है। कांग्रेस ने त्योहार के समय शुद्ध घी की उपलब्धता और मिलावट की शिकायतों पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को भी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बताया। उसके अनुसार, अहमदाबाद में सीएनजी का दाम 4.45 रुपये प्रति किलो बढ़कर 98.47 रुपये हो गया है। वडोदरा में सीएनजी के दाम में 1.50 रुपये की वृद्धि के बाद कीमत 90.50 रुपये प्रति किलो बताई गई है। घरेलू पाइप गैस के दाम में भी 50 पैसे की बढ़ोतरी का दावा किया गया है। कांग्रेस ने व्यावसायिक गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और खाद्य वस्तुओं की महंगाई का मुद्दा भी उठाया।
दोशी ने कहा कि बढ़ती लागत का असर रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वैन चालकों के साथ-साथ छोटे परिवहन कारोबारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से घी तथा ईंधन के दामों पर नियंत्रण, शुद्ध खाद्य पदार्थों की पर्याप्त आपूर्ति और मिलावटखोरों व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते राहत के कदम नहीं उठाए गए, तो महंगाई से परेशान लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।

