महाराष्ट्र के लातूर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने एक किराए के मकान पर छापा मारकर नाबालिग लड़की सहित चार महिलाओं को कथित तौर पर देह व्यापार से मुक्त कराया है. पुलिस का कहना है कि सूचना मिली थी कि शहर में महिलाओं को बुलाकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है. पुलिस को मौके से 2,000 रुपये कैश, मोबाइल और कंडोम के पैकेट मिले.
महाराष्ट्र के लातूर में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर नाबालिग लड़की सहित चार महिलाओं को कथित देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया है. पुलिस का कहना है कि होलकर नगर इलाके में किराए के मकान में महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार की सूचना मिली थी. इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मौके पर एक्शन लिया. पुलिस ने इस मामले में एक महिला और उसके पुरुष साथी को पकड़ा है. दोनों मिलकर किराए के मकान में यह गतिविधि चला रहे थे.
मामला लातूर शहर के होलकर नगर इलाके का है. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सूचना मिली थी कि एक किराए के मकान में महिलाओं से देह व्यापार कराया जा रहा है. सूचना के आधार पर टीम ने घर पर छापा मारा. मौके से एक नाबालिग लड़की समेत चार महिलाओं को बाहर निकाला गया. पुलिस ने मौके से 2,000 रुपये कैश, मोबाइल और कंडोम के पैकेट सहित करीब 7,000 रुपये का सामान जब्त किया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में प्रियंका और उसके साथी गोविंद को अरेस्ट किया गया है. आरोप है कि प्रियंका ने किराए का मकान लिया था और वहीं महिलाओं को बुलाकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक, गोविंद भी इसमें शामिल था. पुलिस को मौके से एक नाबालिग लड़की भी मिली. उसे भी सुरक्षित बाहर निकाला गया. नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की है. पीड़ित महिलाओं को पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की.
लातूर के एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक डॉ. भागीरथी पवार की देखरेख में की गई. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर आजिनाथ पाटील और पुलिसकर्मियों की टीम ने छापेमारी की. अब मामले की आगे की जांच एमआईडीसी पुलिस कर रही है. पुलिस इंस्पेक्टर समाधान चौरे के नेतृत्व में जांच की जा रही है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि महिलाओं को वहां कैसे लाया गया और इस पूरे नेटवर्क को किस तरह ऑपरेट किया जा रहा था. फिलहाल चार महिलाओं को मुक्त कराया गया है और दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया है.

