छतरपुर जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र स्थित करीब 200 साल पुराने रामलला मंदिर से भगवान श्रीराम की प्राचीन अष्टधातु की प्रतिमा चोरी हो गई है। चोर देर रात मंदिर का ताला तोड़कर गर्भगृह में घुसे और रामलला समेत अन्य छोटी प्रतिमाएं भी चुरा ले गए।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में करीब 200 साल पुराने रामलला मंदिर से भगवान श्रीराम की प्राचीन अष्टधातु की प्रतिमा चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर देर रात मंदिर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और गर्भगृह में स्थापित रामलला की प्रतिमा के साथ मंदिर में रखी कुछ छोटी-छोटी प्रतिमाएं भी चोरी कर ले गए। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो घटना का पता चला। इसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि मातगुवां थाना क्षेत्र के इस प्राचीन मंदिर का इतिहास करीब 200 साल पुराना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर से ग्रामीणों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यहां आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सुबह मंदिर पहुंचे पुजारी, तो गायब मिली रामलला की प्रतिमा
मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार शर्मा के मुताबिक, वह सुबह जब मंदिर पहुंचे तो गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा अपने स्थान पर नहीं थी। मंदिर के गेट का ताला भी टूटा हुआ मिला। जब उन्होंने मंदिर के अंदर जाकर देखा तो रामलला की प्रतिमा के अलावा कुछ अन्य छोटी प्रतिमाएं भी गायब थीं।
पुजारी ने तत्काल ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मंदिर का निरीक्षण किया।
ग्रामीण बोले- मंदिर से गहरी आस्था जुड़ी है
स्थानीय ग्रामीण गुमान राजपूत ने बताया कि सुबह लोगों को मंदिर से रामलला की प्रतिमा चोरी होने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना है और गांव के लोगों की इससे गहरी आस्था जुड़ी हुई है। प्रतिमा चोरी होने की खबर फैलते ही ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल बन गया।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलने के बाद मातगुवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस मंदिर में चोरी के तरीके और चोरों के आने-जाने के रास्ते समेत दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल चोरी गई प्रतिमाओं और आरोपियों के बारे में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

