सोमनाथ महादेव के भक्तों के लिए अच्छी खबर: सोमनाथ दादा के प्रसाद के लिए खास पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग तैयार
एनआईडी और जीपीसीबी के संयुक्त उद्यम से प्रसाद लंबे समय तक ताज़ा और सुरक्षित रहेगा: प्लास्टिक-मुक्त अभियान को मिलेगी नई ताकत
सोमनाथ। पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों के लिए एक बहुत ही सुखद और खुशी की खबर सामने आई है। सोमनाथ दादा के पवित्र प्रसाद को लंबे समय तक शुद्ध, ताज़ा और पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए एक खास पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग तैयार की गई है। इस नई पहल से सोमनाथ मंदिर परिसर में प्लास्टिक-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था और मजबूत होगी।
एनआईडी और जीपीसीबी के संयुक्त उद्यम से खास व्यवस्था
इस नई पैकेजिंग का आकर्षक डिज़ाइन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन (एनआईडी) और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) की मिली-जुली कोशिशों से तैयार किया गया है। इस डिब्बे को विशेषज्ञों की एक टीम ने बनाया है, जिसमें सोमनाथ महादेव के प्रसाद की पवित्रता, गुणवत्ता और शान को बनाए रखने को प्राथमिकता दी गई है।
षट्कोणीय आकार और मज़बूत गत्ता पूरी सुरक्षा देगा
नए पैकेजिंग डिब्बे के लिए उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य-श्रेणी गत्ते का इस्तेमाल किया गया है। इसे बहुत ही आकर्षक षट्कोणीय आकार दिया गया है। इस तकनीकी डिज़ाइन की खासियत यह है कि यह हवा और नमी से पूरी सुरक्षा देता है। इस वायुरोधक व्यवस्था की वजह से, प्रसाद बिना खराब हुए लंबे समय तक अपनी ताज़गी और स्वाद बनाए रखेगा।
एकल-उपयोग प्लास्टिक मुक्त अभियान और यादगार स्मृति चिन्ह
पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, यह पूरी तरह से प्लास्टिक-मुक्त डिब्बा सोमनाथ धाम में एकल-उपयोग प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, इस डिब्बे का डिज़ाइन इतना सुंदर और मज़बूत रखा गया है कि प्रसाद इस्तेमाल करने के बाद, भक्त इसे फेंकने के बजाय अपनी सोमनाथ यात्रा की पवित्र यादगार के तौर पर घर पर रख सकेंगे। वहीवटदार और मंदिर ट्रस्ट के इस सराहनीय कदम का सोमनाथ आने वाले पर्यटकों और धार्मिक लोगों की तरफ़ से काफ़ी स्वागत हो रहा है।

