अशोकनगर जिले के चंदेरी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खेत पर गए एक ही परिवार के चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घटना के समय बच्चे घर पर अकेले थे। इस हृदयविदारक घटना से पूरे विक्रमपुर गांव में मातम पसर गया है और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।
अशोकनगर: जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। चंदेरी थाना क्षेत्र की विक्रमपुर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम विक्रमपुर (चींटिया मोहल्ला) में सोमवार को एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने सुनने वालों की रूह कंपा दी। स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर से खेत घूमने निकले एक ही परिवार के चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेत पर अकेले गए थे मासूम भाई
मिली जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब 9:00 बजे की है। चारों भाई अपने घर से खेत की ओर घूमने के लिए निकले थे। काफी देर तक जब वे वापस घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता सताने लगी। दोपहर करीब 1:00 बजे जब परिजन तलाश करते हुए खेत पर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के पानी में एक बच्चा तैरता हुआ दिखाई दिया। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और जब कुएं के अंदर गहराई में तलाश की, तो तीनों अन्य बच्चों के शव भी पानी में डूबे हुए मिले।
बचाने की कोशिश में एक-एक कर कुएं में समाए चारों भाई
प्रशासन और स्थानीय लोगों की शुरुआती आशंका के मुताबिक, जब बच्चे कुएं के पास पहुंचे होंगे तो पानी में झांकते समय या पैर फिसलने के कारण सबसे पहले एक बच्चा कुएं में गिर गया होगा। उसे डूबता देख बचाने के प्रयास में एक के बाद एक बाकी तीनों भाई भी कुएं में उतरते या गिरते चले गए और इस जानलेवा हादसे का शिकार हो गए।
बलवीर कुशवाहा के ये चारों पुत्र ही उनके बुढ़ापे का एकमात्र सहारा थे, और उनकी कोई पुत्री नहीं थी। इस एक ही झटके ने माता-पिता की दुनिया ही उजाड़ दी। घटना के वक्त बच्चों के पिता मजदूरी के लिए गांव में ही गए हुए थे, जबकि उनकी मां मायके में किसी रिश्तेदार के निधन पर शोक व्यक्त करने गई हुई थीं।
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अशोकनगर के चंदेरी में चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से जान चली गई।
मृतकों में देव (9 वर्ष), त्रिवेद (7 वर्ष), महादेव (6 वर्ष) और प्रियांशु (4 वर्ष) शामिल हैं।
घटना के समय पिता मजदूरी पर गए थे और मां मायके में थीं, जिससे बच्चे घर पर अकेले थे।
सूचना मिलते ही एसडीओपी, तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और शवों को अस्पताल भिजवाया।

