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गोरखपुर: पोर्न वीडियो के आदी कक्षा 4 के छात्र ने टीचर की बना दी अश्लील तस्वीर, प्रिंसिपल ने स्‍कूल से निकाला

माता-पिता ने बताया कि 11 साल का बेटा मोबाइल फोन का आदी है। वह बाथरूम में फोन लेकर घंटो बैठा रहता है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कक्षा 4 में पढ़ने वाला एक छात्र पोर्न साइट देखने का आदी हो गया है। उसने अपने स्‍कूल टीचर की अश्‍लील तस्‍वीर बना दी। इसके बाद प्रिंसिपल ने बच्‍चे का नाम स्‍कूल से काट दिया है। फिलहाल छात्र का इलाज चल रहा है। डॉक्टर का कहना है कि इस बीमारी से कई लोग ग्रसित हैं। परिजनों ने बताया कि छात्र ने एक बार अपनी सात साल की बहन के कपड़े भी निकाल दिए थे।

शाहपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले दंपती का 11 साल का बेटा शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ता है। एक दिन स्कूल की प्रिंसिपल ने परिजनों को बुलाया और जो बातें बताईं, उसे जानकर परिजन हैरान रह गए। प्रिंसिपल का कहना था कि छात्र के बैग से स्कूल टीचर की अश्लील फोटो और स्केच मिले हैं जिन्हें उसने खुद अपने हाथों से बनाया है। क्लास के छात्रों ने भी बताया कि वह उनके साथ गंदी बातें करता है।

कमरे में छोटी बहन के साथ नग्‍न अवस्‍था में मिला था

घरवालों ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान हमने बच्चों को मोबाइल देना शुरू किया था। धीरे-धीरे वह जिद करने लगा और ज्यादातर टाइम मोबाइल पर बिताने लगा। हमने बहुत रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। कई बार वह बाथरूम में मोबाइल लेकर चला जाता था और घंटों बाद निकलता था। एक दिन तो हद हो गई जब वह कमरे में 7 साल की छोटी बहन के साथ न्यूड अवस्था में मिला। मां ने जैसे ही कमरे में प्रवेश किया तो उसे इस हालत में देखकर हतप्रभ रह गई। मोबाइल देखा तो उस पर पोर्न वीडियो चल रहा था। माता-पिता ने बच्‍चे को समझाया और आगे से ऐसा नहीं करने के लिए कहा। लेकिन बच्‍चा मोबाइल के बिना नहीं रह पाता था। मना करने पर चिड़चिड़ाता और गुस्सा करता था।

इलाज और काउंसलिंग से ठीक हो जाएगा बच्‍चा

फिलहाल बच्‍चे का इलाज शाहपुर क्षेत्र एक मनोचिकित्सक से चल रहा है। शहर के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक अमित कुमार शाही ने बताया कि इस बीमारी को बॉर्डर लाइन पर्सनेलिटी डिसऑर्डर के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी का कारण अलग-अलग हो सकता है। बहुत से लोग इस बीमारी से ग्रसित है। खासकर बच्चों को तो मोबाइल से दूर रखना बहुत जरूरी है। इस बीमारी में बच्चे एडल्ट की तरह हरकत करने लगते हैं और खुद को जल्द एडल्ट बनाने की कोशिश रहती रहती है। इलाज और काउंसलिंग के बाद इन्हें ठीक किया जा सकता है।

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