पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की दो महिला कॉन्स्टेबल ने अपनी शादी स्थगित कर दी है। दोनों पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में थीं और पुणे के पास आलंदी में 30 अगस्त को शादी करने वाली थीं, उन्होंने अपने इस फैसले पर लोगों का बहुत ज़्यादा ध्यान जाने के बाद सोमवार को शादी रद्द कर दी।
पुणे : दो महिला पुलिस कॉन्स्टेबलों के आपस में शादी करने की खबर ने भारत में समलैंगिक जोड़ों के रिश्तों से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों की ओर फिर से ध्यान खींचा है। दोनों 30 अगस्त को शादी करने जा रही थीं। ये दोनों पुणे में पुलिस कॉन्स्टेबल के तौर पर काम कर रहीं हैं। दोनों के शादी करने की खबर फैली तो विवाद भी होने लगा जिसके बाद उन्होंने शादी स्थगित कर दी। अब दोनों महिलाएं अपने रिश्ते को कानूनी मान्यता दिलाने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं। बताया जा रहा है कि उनमें से एक जेंडर-ट्रांज़िशन (लिंग परिवर्तन) का इलाज करवा रही है और सोच रही है कि क्या ट्रांज़िशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शादी को कानूनी रूप से रजिस्टर किया जा सकता है?
हालांकि भारत में बालिगों के बीच आपसी सहमति से बने समलैंगिक रिश्तों को अपराध नहीं माना जाता है, लेकिन समलैंगिक जोड़ों की शादी को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं मिली है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने भी आया था, जिसने अक्टूबर 2023 के अपने फैसले में गैर-विषमलैंगिक (non-heterosexual) जोड़ों के लिए शादी के कानूनी अधिकार को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि ऐसी शादियों को मान्यता देने के लिए कानून बनाना संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।
क्या है पुणे की समलैंगिग महिला कॉन्स्टेबल का मामला
इस कानूनी पृष्ठभूमि को देखते हुए, पुणे की दो पुलिसकर्मियों से जुड़ा यह मामला शादी के रजिस्ट्रेशन, जेंडर आइडेंटिटी और आधिकारिक मान्यता के लिए ज़रूरी कागज़ात से जुड़े सवाल खड़े कर सकता है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस में काम करने वाली एक और महिला पुलिसकर्मी ने जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी (लिंग बदलने की सर्जरी) करवाई है और अपनी जेंडर आइडेंटिटी के हिसाब से अपने ऑफिशियल सर्विस रिकॉर्ड में बदलाव की मांग की है।
परिवार है शादी के खिलाफ
मिली जानकारी के मुताबिक, उनकी रिक्वेस्ट पर अभी विचार किया जा रहा है। ऑफिशियल रिकॉर्ड में किसी भी बदलाव के लिए लागू सर्विस नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जांच-पड़ताल करनी होगी। खबरों के मुताबिक, परिवार वालों ने इस प्रस्तावित शादी का विरोध किया है और सीनियर पुलिस अधिकारियों से दखल देने की मांग की है। हालांकि, चूंकि यह मामला दोनों महिलाओं की निजी ज़िंदगी से जुड़ा है, इसलिए पुलिस प्रशासन शादी को रोकने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों ने उनकी काउंसलिंग भी करवाई थी।
छुट्टी की एप्लीकेशन के साथ शादी का निमंत्रण पत्र भी सौंपा था
दोनों महिलाओं ने अपनी-अपनी पुलिस ड्यूटी से छुट्टी के लिए औपचारिक रूप से एप्लीकेशन दी थी। विभाग में जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वह यह है कि उन्होंने छुट्टी की एप्लीकेशन के साथ अपनी शादी के निमंत्रण पत्र की एक कॉपी भी सौंपी थी, जिससे उनके रिश्ते और शादी की योजनाओं की जानकारी पुलिस फोर्स के ऑफिशियल रिकॉर्ड में आ गई। दो दिन पहले, 20-25 साल की उम्र की इन दोनों महिलाओं ने छुट्टी के लिए आवेदन करते समय शादी का वही निमंत्रण पत्र साथ लगाया था।
तीन साल से रिलेशन में हैं दोनों युवतियां
एक महिला उत्तरी महाराष्ट्र से है और दूसरी पुणे जिले के बाहरी इलाके के एक गांव से है। वे तीन साल पहले पिंपरी-चिंचवड़ आईं और पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान उनकी मुलाक़ात हुई। उन्होंने परीक्षा पास की और ट्रेनिंग के बाद उन्हें एक ही पुलिस स्टेशन में तैनात किया गया, और तब से वे साथ रह रही हैं।
पुलिस के अन्य कर्मचारियों ने बताया कि पुणे ज़िले के बाहरी इलाके की रहने वाली महिला का परिवार, जो इस रिश्ते का विरोध कर रहा था, दो दिन पहले ‘शादी’ की योजना के बारे में पता चलने पर पुलिस स्टेशन पहुंचा था। उन्होंने अपनी चिंताएं बताने के लिए कमिश्नरेट के सीनियर पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क किया और अधिकारियों से शादी रोकने की मांग की, लेकिन उन्हें बताया गया कि पुलिस ऐसे मामले में दखल नहीं दे सकती।

